इस घटना में ग्राहकों ने शिवनाथ बाबू समेत कई बैंक अधिकारियों के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है
कोलकाता। सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में तृणमूल नेता गिरफ्तार हुआ है। कृष्णानगर शहर तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष शिवनाथ चौधरी को करीब 9 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने पर मजबूर होना पड़ा। शिवनाथ बाबू का दावा है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है।
मालूम हो कि शिवनाथ बाबू कृष्णानगर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष थे। उस समय, कई ग्राहकों ने शिकायत की थी कि उन्हें उनकी जमा राशि वापस नहीं मिली। कुल मिलाकर रिश्वत की राशि लगभग 9 करोड़ रुपया थी। इस घटना में ग्राहकों ने शिवनाथ बाबू समेत कई बैंक अधिकारियों के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने घटना की जांच के बाद शुक्रवार को शिबदास बाबू को गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता नंदिता घोष का दावा है कि इस तृणमूल नेता ने न केवल कृष्णानगर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक से बल्कि कालीनगर सोसाइटी से भी 14 करोड़ रुपये का गबन किया है।
जिले की राजनीति में उनका इतना प्रभाव था कि पुलिस अधिकारी उनसे डरते थे। इस बीच, शिवनाथ बाबू का दावा है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिला। बाद में उनका सारा पैसा वापस कर दिया गया। तो फिर धोखाधड़ी के आरोप कहां से आते हैं? कृष्णानगर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के चुनाव होने के बाद से ही मेरे खिलाफ शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। यह एक राजनीतिक षडयंत्र है। सेवानिवृत्त शिक्षक शिवनाथ बाबू की गिरफ्तारी से कृष्णानगर शहर में हंगामा मच गया है। उनके कई प्रशंसक इस बात पर अफसोस जता रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस की वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा।